
बिहार में पंचायतों का कार्यकाल खत्म होते ही मुखियाजी की गड़बड़ी भी अब सामने आने लगी है. पटना जिला में नल-जल योजना में वित्तीय गड़बड़ी करने वाले इंजीनियर, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्यों के साथ नौ पंचायत के मुखिया पर FIR दर्ज की गई है.
तीन अन्य पंचायतों में गड़बड़ी की जांच पूरी हो गई है. उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है. जांच में अभियंता और पंचायत सचिव की संलिप्तता भी सामने आयी है. अब ऐसे मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली है, क्योंकि सरकार उनसे योजना की राशि वसूलने की तैयारी कर रही है.
नल-जल योजना में वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप
अब तक घोसवरी, नौबतपुर और मसौढ़ी में दो-दो पंचायत के मुखिया पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुनपुन, पंडारक, पंडारक, अथमलगोला और पालीगंज प्रखंड में एक-एक मुखिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पंचायती राज विभाग के अनुसार पुनपुन, बख्तियारपुर और मसौढ़ी में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. इन सभी को प्रथम दृष्टया जांच के दौरान दोषी पाया गया है.
गबन की राशि वसूलने के लिए होगा FIR
बताते चलें कि कि जिन पंचायतों में जांच टीम ने वित्तीय गड़बड़ी की रिपोर्ट सौंपी है उसमें अभियंता और पंचायत सचिव की संलिप्तता भी सामने आई है. इसके बाद उनके खिलाफ भी एफआईआर की गई है. प्राथमिकी के बाद नौबतपुर के गोनवां पंचायत के मुखिया ने अनियमितता की राशि लौटा दी है.
प्राथमिकी वाले प्रखंड और पंचायत
प्रखंड पंचायत मुखिया का नाम
मसौढ़ी - भदौरा - पार्वती देवी
मसौढ़ी - रेवां - सुरेंद्र यादव
नौबतपुर - गोनवां - चंद्रवती देवी
नौबतपुर - अजवां - ऋतु कुमारी
पंडारक - रैली - ममता देवी
अथमलगोला - बहादुरपुर - अनिल महतो
घोसवरी - पैजना - दिनेश गोप
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