
आईपीएल का 14वां सीजन नौ अप्रैल से शुरू हो रहा है। देश में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए बीसीसीआई कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाने का फैसला किया है। इसके तहत बायो बबल में मौजूद हर खिलाड़ी की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए जीपीएस डिवाइस की मदद ली जाएगी।
साथ पूरी लीग के लिए हर टीम के साथ 4-4 कोरोना अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है। लीग का पहला मैच नौ अप्रैल को डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बंगलूर के बीच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 30 मई को होगा। खिलाड़ी बायो बबल एरिया में रहें और जो एरिया निर्धारित की गई है उससे बाहर न जाएं। इस पर नजर रखने के लिए सभी खिलाडि़यों को ट्रैकिंग डिवाइस दी जाएगी।
यह डिवाइस रिस्ट बैंड या चेन के रूप में होगी, जो हमेशा खिलाडि़यों को होटल कमरे से बाहर निकलने पर पहननी होगी। यह डिवाइस खिलाडि़यों को जाने-अनजाने में बायो बबल तोड़ने से रोकने में मदद भी करेगी। इससे खिलाडि़यों को पता चलेगा कि उन्हें किन जगहों पर जाना है और कौन सी जगह बायो-बबल के तहत आते हैं। जैसे ही खिलाड़ी बायो-बबल एरिया से बाहर होंगे, इस डिवाइस से आवाज आएगी और खिलाड़ी अलर्ट हो सकेंगे।
यह डिवाइस रिस्ट बैंड या चेन के रूप में होगी, जो हमेशा खिलाडि़यों को होटल कमरे से बाहर निकलने पर पहननी होगी। यह डिवाइस खिलाडि़यों को जाने-अनजाने में बायो बबल तोड़ने से रोकने में मदद भी करेगी। इससे खिलाडि़यों को पता चलेगा कि उन्हें किन जगहों पर जाना है और कौन सी जगह बायो-बबल के तहत आते हैं। जैसे ही खिलाड़ी बायो-बबल एरिया से बाहर होंगे, इस डिवाइस से आवाज आएगी और खिलाड़ी अलर्ट हो सकेंगे।
जिन होटलों में खिलाड़ी ठहरे हैं, वहां के सभी कर्मचारी और खिलाडि़यों की बस के ड्राइवर को 14 दिन का क्वारंटाइन रखा गया है। इस बीच उनकी नियमित कोरोना जांच भी की गई। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही इनकी ड्यूटी लगाई गई। पूरे आईपीण्ल के दौरान ये बायो बबल से बाहर नहीं जा सकते हैं। अपने घर भी नहीं।
नियम तोड़ने पर फिर से सात दिन क्वारंटाइन
यह डिवाइस सेंट्रल पैनल से जुड़ा होगा। इससे बोर्ड को पता चल सकेगा कि कौन से खिलाड़ी बायो-बबल का उल्लंघन कर रहे हैं। बायो-बबल का उल्लंघन करने पर खिलाडि़यों को फिर से सात दिन क्वारंटाइन रहना होगा और कोरोना जांच से गुजरना होगा। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही दोबारा बायो-बबल में प्रवेश मिलेगा।
हेल्थ ऐप पर रोजाना देना होगा अपडेट
खिलाड़ी और उनके साथ रुकने वाले परिजनों को रोजाना सुबह हेल्थऐप पर अपडेट देना होगा, ताकि बीसीसीआई की मेडिकल टीम नजर रख सके। हालांकि अभी टीमों को ऐप की डिटेल्स नहीं दी गई है। हेल्थ ऐप पर उन्हें नियमित तौर पर बॉडी टेम्प्रेचर की जानकारी देनी होगी। साथ ही हर सवाल का जवाब देना होगा।
नियम तोड़ने पर फिर से सात दिन क्वारंटाइन
यह डिवाइस सेंट्रल पैनल से जुड़ा होगा। इससे बोर्ड को पता चल सकेगा कि कौन से खिलाड़ी बायो-बबल का उल्लंघन कर रहे हैं। बायो-बबल का उल्लंघन करने पर खिलाडि़यों को फिर से सात दिन क्वारंटाइन रहना होगा और कोरोना जांच से गुजरना होगा। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही दोबारा बायो-बबल में प्रवेश मिलेगा।
हेल्थ ऐप पर रोजाना देना होगा अपडेट
खिलाड़ी और उनके साथ रुकने वाले परिजनों को रोजाना सुबह हेल्थऐप पर अपडेट देना होगा, ताकि बीसीसीआई की मेडिकल टीम नजर रख सके। हालांकि अभी टीमों को ऐप की डिटेल्स नहीं दी गई है। हेल्थ ऐप पर उन्हें नियमित तौर पर बॉडी टेम्प्रेचर की जानकारी देनी होगी। साथ ही हर सवाल का जवाब देना होगा।
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