आज आप लोगों को एक ऐसी ही घटना के बारे मे रु बा रु कराते है. जो सच मे प्रसंशापूर्ण है.जहाँ एक भाई अपनी बहन के लिए वो काम करने वाला है, जिसे करने के लिए बहुत से लोग पहले सोचेंगे की क्या वो करे या नही? यह समाचार है आदमपुर गांव के ढबारसी का है.जहाँ गांव के राजीव अग्रवाल की 37 वर्षीय पत्नी पारुल अग्रवाल है. आपको बता दे पारुल गांव की प्रधान भी अभी.पारुल के घर वालों के मुताबिक पारुल को पथरी की शिकायत हुई.थी तो पारुल का ऑपरेशन हुआ और पूरे पित्त की थैली ही निकाल दी थी पथरी के साथ.मगर बात यही ख़त्म नही होती है. पित्त का ऑपरेशन होने के बाद पारुल का स्वास्थ ख़राब रहने लगा.-
ज़्यादा तबियत ख़राब रहने के बाद फिर पारुल का चेकअप हुआ तो पता चला की पारुल हर्निया से ग्रस्त है. फिर से एक बहुत बड़ी परेशानी का सामना करना था.फिर पारुल की 2012 मे सर्जरी करवायी गयी.लेकिन यह क्या पता था इतनी परेशानी बीमारी के बाद भी पारुल ठीक नही हो पा रही थी. 2017 मे फिर यह हर्निया की बीमारी का पता चला.एक बारे फिर पारुल के आगे ऑपरेशन का मसला रखा था. पारुल के पति ने एक बारे फिर उसका ऑपरेशन मेरठ मे करवा दिया.

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