कभी इस क्रिकेटर की मां के पास नहीं थे रिक्सा के पैसे, 8 km पैदल उठाकर पहुंचती थी बेटे का भरी बेग जानिए इनके बारे में

ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टेस्ट सीरीज के पहले मैच में हरने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम निशाने पर आ गई हे लेकिन दूसरे मैच में जीत हासिल करने के बाद अब हर कोई टीम इंडिया की तारीफ कर रहा हे खासकर अजिंक्य रहाणे इस गीत के बाद काफी चर्चा में हे कुछ समय पहले जब वो टीम इंडिया में जगह बनाने को संघर्ष कर रहे थे तब उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुडी कई बातें शेयर की थी।
 




क्रिकेट के मैदान में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों की जिंदजी बदल जाती हे न सिर्फ क्रिकेट उन्हें सोहरत देता हे बल्कि धन -दौलत भी देता हे ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टेस्ट मैच सीरीज के दूसरे मैच में जीत के बाद चमके अजिंक्य रहाणे की जिंदगी भी काफी संघर्षो से भरी है।

 


राइट हैंड्स के बेट्समेन अजिंक्य रहाणे ने अपने जीवन से हुदी कई बातें लोगो को शेयर की थो मुंबई में रहने वाले अजिंक्य ने साल 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की थी।

 


आज जिस मुकाम पर रहाणे पहुंचे है उसका श्रेय वो अपने माता -पिता को देते है रहाणे ने एक इंटरव्यू में बताया की उनकी मां ने गरीबी में भी उन्हें स्पोर्ट्स के प्रति रूचि कम नहीं करने दिया।
 




रहाणे ने बताया था की उनके पास पैसे नहीं थे साथ ही उनका ट्रेनिंग कैंप घर से 8 किलोमीटर दूर था ऐसे में उनकी मां गोद में उनके छोटे भाई को उठाकर दूसरे कंधे पर रहाणे का बेग पकड़ कर चलती थी




रहाणे की मां पैदल ही उनका भरी बेग उठाकर मैदान तक चलती थी उस समय उनके परिवार के पास रिक्शा के पैसे नहीं थे वो सिर्फ हफ्ते में एक दिन ही रिक्से से जा पाते थे। अपने पिता के बारे में रहाणे ने बताया की जब वो पहली बार ट्रेन से अकेले सफर कर रहे थे तब उनके पिता दूसरे डिब्बे से उन पर नजर रख रहे थे की रहाणे अकेले ट्रेवल कर सकते है या नहीं।


रहाणे ने बताया की उनके पेरेंट्स ने कभी उनके करियर में धखल नहीं दिया यही वजह है की वो हमेशा अच्छा परफॉर्म करने के लिए खेले है।

Post a Comment

0 Comments