
आज के समय ऐसा कोई भी नहीं जिसे पैसे की जरुरत नहीं, दिन रात इन्सान अच्छे सुख सुवधा के लिए इन्सान पैसे कमाता और महनत करता है. मगर हर इन्सान की एक जैसी किस्मत नहीं होती. मगर आज हम आपको ऐसा सरल उपाय बताने जा रहे जिससे आप भी मालामाल बन सकते है. हर इंसान की श्रद्धा ईश्वर पर होती है और इसी विश्वास के कारण वह सभी ईश्वर की अराधना करते हैं। भगवान भी सबकी सुनते हैं और वह अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरी करते हैं लेकिन वह व्यक्ति सच्चे दिल से ईश्वर की आराधना करता है तो उसे बहुत अच्छा फल मिलता है जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता है.
बताते चले चांदी से निर्मित कई आभूषणों को महिलाएं पहनकर साज-श्रृंगार करती हैं. चांदी के आभूषण खूबसूरती बढ़ाने के अलावा सुख-समृद्धि के कारक भी माने जाते हैं. ज्योतिषीय की मने तो चांदी नौ ग्रहों में शुक्र और चंद्रमा से जुड़ा हुआ धातु है. कहा जाता है कि चांदी भगवान शिव के नेत्रों से उत्पन्न हुआ था इसलिए जहां चांदी होता है वहां वैभव और संपन्नता की कोई कमी नहीं होती है. शरीर में चांदी धारण करने पर यह जल तत्व और कफ को नियंत्रित करता है. इसके अलावा भी चांदी पहनने से कई तरह के लाभ होते हैं.
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि चांदी की अंगूठी धारण करना का सही तरीका
कनिष्ठा उंगली में इस विधि से पहने चांदी की अंगूठी
आप बाजार से अपने पंसद की डिजाइन वाली चांदी की एक अंगूठी लेकर आएं. फिर इसे किसी भी गुरुवार की रात पानी में डालकर पूरी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दें. फिर अगले दिन सुबह के वक्त इस अंगूठी को भगवान विष्णु के चरणों में रखें और पूरे विधि-विधान के साथ उनकी पूजा करें.
जब आपकी पूजा पूरी हो जाए तो उस अंगूठी को भी चंदन लगाएं, धूप-दीप दिखाकर अक्षत चढ़ाएं. आपका यह छल्ला अब अभिमंत्रित हो चुका है. अब आप इसे दाहिने हाथ की सबसे छोटी उंगली कनिष्ठा में धारण कर ले.
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