दिल्ली में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए बॉर्डरों पर पूरी तरह नाकाबंदी की गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रमुख के अलावा छोटे बॉर्डरों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है। जंतर-मंतर और वीआईपी लोगों के आवास तक किसानों को रोकने लिए नई दिल्ली में बुधवार को भी सुरक्षा व्यवस्था जबरदस्त रही।
किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर घुसकर कोई शरारती तत्व शरारत न करें, इसके लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। प्रदर्शन स्थलों पर स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात किए गए हैं। स्पेशल ब्रांच दिल्ली पुलिस की खुफिया ब्रांच मानी जाती है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नजफगढ़ इलाके में हरियाणा से आने के करीब सात बॉर्डर हैं। इनके अलावा ढांसा, दौराला, कापसहेड़ा, बिजवासन, पालम विहार, झूंडाहेड़ा, फतेहपुरबेरी बॉर्डर के अलावा यूपी से सटे कालिंदी कुंज आदि बॉर्डरों पर बुधवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई।
यहां पर पुलिसकर्मी व पैरा मिलिट्री फोर्स के अलावा जर्सी बैरियर रखे गए हैं। साथ में क्रेन भी खड़ी की गई है। अगर किसान इन बॉर्डरों से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे तो क्रेन के जरिए बैरियर लगाकर रास्तों को बंद कर दिया जाएगा।
डंपरों का रोजाना 1.8 लाख किराया चुका रही पुलिस
दिल्ली-गुरुग्राम हाइवे एनएच-8 पर रजोकरी बॉर्डर व कापसहेड़ा बॉर्डर पर पुलिस ने किसानों को ट्रैक्टर-ट्राली समेत रोकने के लिए डंपर खड़े कर रखे हैं। जरूरत पड़ने पर इन डंपर को सड़कों पर खड़ा किया जा सकेगा, ताकि ट्रैक्टर भी इन डंपर को हटा नहीं सके। रजोकरी में 10 और कापसहेड़ा बॉर्डर पर आठ डंपर खड़े किए गए हैं। प्रतिदिन एक डंपर का किराया छह हजार रुपये है।
यानी, एक लाख आठ हजार रुपये रोजाना दिल्ली पुलिस चुका रही है। नई दिल्ली जाने वाले रास्तों पर बुधवार को भी और दिनों की तरह जगह-जगह पिकेट लगाकर चेकिंग होती रही। बुधवार को किसी भी किसान के नई दिल्ली में पहुंचने की सूचना नहीं मिली।

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