दरअसल आज हम बात कर रहे है टिटहरी नाम के पक्षी की, दिखने में चिड़िया जैसा छोटा सा प्यारा सा यह पक्षी अपने अलग अंदाज के लिए जाना जाता है. टिटहरी के बारे में कहा जाता है कि यह पक्षी कभी भी अपना घोंसला नहीं बनाते है, वहीं जब यह यह अंडे देते है तो जमीन पर देते है और साथ ही अंडे को तोड़ने के लिए कई पक्षी उस पर बैठकर या गर्मी कर अंडे को तोड़ते है लेकिन टिटहरी का तरीका इससे थोड़ा अलग है.

टिटहरी जब भी जमीन पर अंडे देती है तो वो उसे तोड़ने के लिए पारस पत्थर का उपयोग करती है. दोस्तों पारस पत्थर के बारे में कहा जाता है कि यह पत्थर जब भी किसी लोहे को छू लेता है तो लोहा तक सोना बन जाता है. पारस जैसा रहस्यमयी पत्थर हालाँकि मिलता नहीं है लेकिन न जाने यह पत्थर इसे पक्षी को कहाँ से मिलता है?
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