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नए दिन का स्वागत हो या नए रिश्तों की शुरुआत या फिर आलस दूर भगाना हो या गपशप का बहाना तो बस दरकार होती है, एक प्याली चाय की। सुबह-शाम की चाय के अलावा दिन भर में ऑफिस में काम के बीच न जाने कितने ही कप चाय गले से उतर जाती है। लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि चाय बनाने का सही तरीका क्या है या कौन-सी चाय बेहतर है?
दिन भर में तीन कप चाय
दिन भर में तीन कप से ज्यादा पीने से एसिडिटी हो सकती है।
शरीर की क्षमता को करती है कम
आयरन एब्जॉर्ब करने की शरीर की क्षमता को कम कर देती है।
चाय पीने की लगती है लत
कैफीन होने के कारण चाय पीने की लत लग सकती है।
रूखापन
ज्यादा पीने से खुश्की आ सकती है।
पाचन में दिक्कत
चाय पीने से पाचन में दिक्कत हो सकती है।
दांतों पर दाग
चाय ज्यादा पीने से दांतों पर दाग आ सकते हैं लेकिन कॉफी से ज्यादा दाग आते हैं।
नींद न आने की समस्या
देर रात पीने से नींद न आने की समस्या हो सकती है।
दूध से खत्म होते हैं चाय के गुण
दूध और चीनी मिलाने से चाय के गुण कम हो जाते हैं। दूध मिलाने से एंटी-ऑक्सिडेंट तत्वों की ऐक्टिविटी भी कम हो जाती है। चीनी डालने से कैल्शियम घट जाता है और वजन बढ़ता है। इससे एसिडिटी (जलन) की आशंका बढ़ जाती है। दरअसल, चाय में फाइब्रीन व एल्ब्यूमिन होते हैं, जबकि चाय में टैनिन।
कब पिएं चाय
यूं तो चाय कभी भी पी सकते हैं लेकिन बेड-टी और सोने से ठीक पहले चाय पीने से बचना चाहिए। दरअसल, रात को सोने और आराम करने से इंटेस्टाइन (आंत) फ्रेश होती है। ऐसे में सुबह उठकर सबसे पहले चाय पीना सही नहीं है। देर रात में चाय पीने से नींद आने में दिक्कत हो सकती है।
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