तो वहीं इसके अनुसार कुछ ऐसे भी वास्तु टिप्स होते हैं जिनके अनुसार घर-परिवार को रखना चाहिए। आज हम आपको ऐसे ही वास्तु टिप्स बताने वाले है जिन्हें जातक को घर में साज सजावट के तौर पर अपनाना चाहिए। जी हां, इस कड़ी में इससे पहले हम आपको बता चुके हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को न केवल त्यौहारों आदि में बल्कि आम दिनों में अपने घर को वास्तु के अनुसार सजाकर रखना चाहिए। आइए इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बताते हैं क्या है इससे जुड़े अन्य टिप्स-
इतना तो सब जानते हैं कि सनातन धर्म में देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश को सर्वप्रथम का दर्जा प्राप्त है जिस अनुसार हर तरह के धार्मिक कार्य की शुरुआत इनकी ही पूजा से होती है। मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में भी इन्हें उतना ही महत्व प्राप्त है।
इसलिए इसमें बताया गया है भगवान गणेशजी की मूर्ति या उनकी आकृति को द्वार के बाहर ऊपर चित्रित या अंकित करना बहुत अच्छा होता है। बता दें अगर घर के बाहर कर रहे हैं तो द्वार के भीतर और ऊपर भी यही करना जरूरी है। वास्तु के अनुसार इससे घर में किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी नहीं होती और घर की सुरक्षा भी बनी रहती है।

इसके अलावा द्वार की देहली (डेली) बहुत ही मजबूत और सुंदर होना चाहिए। मंगलिक अवसरों पर भगवान का पूजन करने के बाद अंत में देहली की पूजा की जाती है। देहली के दोनों ओर सातिया बनाकर उसकी पूजा करें। सातिये के ऊपर चावल की एक ढेरी बनाएं और एक-एक सुपारी पर कलवा बांधकर उसको ढेरी के ऊपर रख दें। इस उपाय से धनलाभ होगा।
इतना तो सब जानते हैं कि सनातन धर्म में देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश को सर्वप्रथम का दर्जा प्राप्त है जिस अनुसार हर तरह के धार्मिक कार्य की शुरुआत इनकी ही पूजा से होती है। मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में भी इन्हें उतना ही महत्व प्राप्त है।
इसलिए इसमें बताया गया है भगवान गणेशजी की मूर्ति या उनकी आकृति को द्वार के बाहर ऊपर चित्रित या अंकित करना बहुत अच्छा होता है। बता दें अगर घर के बाहर कर रहे हैं तो द्वार के भीतर और ऊपर भी यही करना जरूरी है। वास्तु के अनुसार इससे घर में किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी नहीं होती और घर की सुरक्षा भी बनी रहती है।

इसके अलावा द्वार की देहली (डेली) बहुत ही मजबूत और सुंदर होना चाहिए। मंगलिक अवसरों पर भगवान का पूजन करने के बाद अंत में देहली की पूजा की जाती है। देहली के दोनों ओर सातिया बनाकर उसकी पूजा करें। सातिये के ऊपर चावल की एक ढेरी बनाएं और एक-एक सुपारी पर कलवा बांधकर उसको ढेरी के ऊपर रख दें। इस उपाय से धनलाभ होगा।
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