
टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, साइबर टीम, एथिकल हैकर्स आदि इस बात का पता लगाने में जुटे हुए हैं कि ये गेम लोगों तक कैसे पहुंच रहा है जो कि सभी के लिए हानिकारक बनता जा रहा है। आज हम आपको एक ऐसे एथिकल हैकर्स के बारे में बता रहे हैं, जो 8th क्लास में फेल हो गया थाजिसके कारण उसे घर से बहुत डांट पढ़ी थी। इस लड़के की टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी आज करोड़ों कमा रही है। बता दें कि इस लड़के ने अपने शौक को बिजनेस का रूप दिया जिस कारण वो आज यहां तक पहुंचा है। क्या करते हैं त्रिशनित…
– लड़के की उम्र मात्र 23 साल है जिसका नाम त्रिशनित अरोड़ा हैं। त्रिशनित लुधियाना की मिडिल क्लास फैमिली से बिलांग करते हैं, जिनकी बचपन से ही पढ़ाई में कम और कंप्यूटर में ज्यादा दिलचस्पी थी। त्रिशनित दिनभर कंप्यूटर में हैकिंग का काम सीखते थे, जिस कारण वे पढ़ाई से दूर रहे और 8th क्लास में फेल हो गए। 8th के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन आगे चल कर उन्होंने 12th के एग्जाम दिए। वे एक एथिकल हैकर है जिसमें नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है। इनकी निगरानी सर्टिफाइड हैकर्स करते हैं, जिससे कि किसी नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी कॉन्फिडेन्शियल ही रहे।
दोस्तोंं ने उड़ाया मजाक
त्रिशनित आठवीं कक्षा में फेल हो गए जिसके बाद उनका परिवार उनसे बेहद खफा था. इतना ही नहीं उनके दोस्त और स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भी उनका मजाक उड़ाने लगे, इसके बाद अरोड़ा ने रेग्युलर पढ़ाई छोड़कर 12वीं तक कॉरेस्पॉन्डेंस से पढ़ाई की.
घर वालों को नहीं पसंंद आया त्रिशनित का काम
त्रिशनित एक आम परिवार में जन्में थे, ऐसे में घर वालो को उनका काम पसंंद नहीं आया. त्रिशनित के पिता अकाउंटेंट थे लिहाजा उन्हें अपने बेटे का यह एथिकल हैकिंग वाला काम बिल्कुल भी पसंद नहीं था, लेकिन अरोड़ा कंप्यूटर में अपने शौक को ही कॅरियर बनाने का फैसला कर चुके थे.
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