आम फलों का राजा है पर इसे राजा की पदवी यों ही नहीं मिली है। खाने में तो यह लाजवाब है ही गुणों में भी बेमिसाल है। कालिदास ने इसका गुणगान किया है और शतपथ ब्राह्मण में इसका उल्लेख मिलता है। वेदों में इसका नाम लिया गया है तथा अमरकोश में इसकी प्रशंसा इसकी बुद्धकालीन लोकप्रियता के प्रमाण हैं। वेदों में आम को विलास का प्रतीक कहा गया है|उपयोगिता की दृष्टि से आम भारत का ही नहीं वरन समस्त उष्ण कटिबंध के फलों में सर्वाधिक लोकप्रिय है और बहुत तरह से इसका उपयोग होता है|
आम के फलों के अलावा इसके सारे अंगों में अनेक औषधीय गुण विराजमान हैं, वास्तव में पूरा आम का पेड़ ही औषधीय गुणों का खजाना है। ये लेख आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। न सिर्फ पके और कच्चे दोनों तरह के आम बल्कि आम के पेड़ के तमाम अंगों और गुठलियों को भी आदिवासी औषधि के तौर पर सदियों से अपनाते चले आ रहे हैं। चलिए आज हम जानते हैं आम से जुड़े देशी आदिवासी हर्बल नुस्खों को, इन नुस्खों को आप जान जाएंगे तो आप भी कहेंगे “आम तो आम, गुठली के भी दाम”।
1,दस्त से छुटकारा
ताजे हरे आम के बीजों यानि गुठलियों को सुखा लिया जाए और कुचलकर चूर्ण तैयार किया जाए। इस चूर्ण में स्वादानुसार काला नमक और जीरा पाउडर मिलाया जाए और अपचन होने की दशा में रोगी को दिया जाए तो अतिशीघ्र आराम मिल जाता है। इस नुस्खे को २-3 दिन तक लगातार दिया जाए तो समस्या में आराम मिल जाता है। आम की गुठलियों के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर देने से दस्त में तेजी से आराम मिलता है।
2.गंजापन और सफेद बोलों से छुटकरा
आम की गुठली का तेल फैटी एसिड, मिनरल्स और विटामिन्स से भरपूर होता है। आप चाहें तो इसका तेल घर पर ही निकाल सकते हैं। आम की गुठली की 10/12 गिरी लेकर खूब सूखाकर बारीक कूटकर कपड़े से छान लें और नारियल के तेल में पकाएं। इस मिश्रण को 25/30 दिन तक नियमित रूप से सिर पर मलने से सिर का गंजापन खत्म हो सकता है और बाल भी काले हो सकते हैं।
3.जुएं
जुएं दूर करने के लिए भी आम की गुठली फायदा पहुंचा सकती है। इसके लिए आम की सुखी गुठली पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद इस पाउडर में निम्बू का रस मिलाकर सिर में लगा लें। इस प्रक्रिया से जुएं खत्म होने में मदद मिलेगी।
4.पीरियड्रस में भी अधिक ब्लीडिंग रोके
गुठली का चूर्ण दही और नमक मिलाकर खाने से महिलाओं की जरूरत से ज्यादा ब्लीडिंग रोकी जा सकती है।
5.हाई ब्लडप्रेशर
आम की गुठली को सीमित मात्रा में खाए जाने से हाई ब्लडप्रेशर की समस्या से भी निजात दिलाई जा सकती है। इसके साथ ही दिल की बीमारी की समस्या को भी इससे दूर किया जा सकता है।
6.कोलेस्ट्रॉल स्तर
आम की गुठली से कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। आम की गुठली ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करके खराब कोलेस्ट्रॉल के लेवल को सही करने में सहायता करती है।
7.मोटापा
मोटापे से काफी लोग परेशान रहते हैं। मोटापे को दूर करने के लिए भी आम की गुठली का इस्तेमाल करना काफी फायदें मंद साबित होता है।
8.पेट में कृमि
बच्चों के पेट में कृमि होने की दशा में आम की गुठलियों के चूर्ण और विडंग नामक जड़ी-बूटी की समान मात्रा मिलाकर रात सोने से पहले दिया जाए तो कृमि मृत होकर मल के साथ बाहर निकल आते हैं।
9.नकसीर/नाक से लगातार खून निकलना
आम की गुठलियों के रस को नकसीर/नाक से लगातार खून निकलते रहने की शिकायत में काफी कारगर माना जाता है।

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