धन को प्राप्त करने के लिए जरुरत है मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने की। विद्वानों द्वारा तीन ऐसे काम बताए गए हैं, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करने से लक्ष्मी करती हैं घर-आंगन में वास। भगवान के नाम में एक रहस्यमयी शक्ति है। मनुष्य केवल रोटी पर नहीं जी सकता किन्तु वह प्रभु नाम के सहारे जी सकता है। संकीर्तन से मन शुद्ध होता है। वह शुभ और पवित्र विचारों से भर जाता है। प्रतिदिन संकीर्तन करने से अच्छे संस्कार सशक्त होते हैं। जो मनुष्य स्वयं को अच्छी सोच और पवित्र विचारों का प्रशिक्षण देता है, उसके अंदर शुभ विचार करने की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है। अच्छे विचारों की निरंतरता से उसका चरित्र रूपांतरित हो जाता है। दिव्य विचारों में विचरण करने वाला व्यक्ति निरंतर चिन्तन और ध्यान द्वारा स्वयं दिव्य बन जाता है। उसकी मनोवृत्ति और भाव शुद्ध एवं दिव्य हो जाते हैं। ध्याता और ध्येय, उपासक और उपास्य, विचारक और विचार एक हो जाते हैं। यही समाधि है। यह संकीर्तन या उपासना का फल है।
एकादशी व्रत करें।
ये सातों नाम आप प्रात: उठते समय, रात्रि सोते समय, काम पर जाते समय, नया कार्य करते समय, दुकान खोलते समय, दुकान मंगल करते समय, संयम नियम की पालना करते हुए रोज जपें। वांछित कार्य में लाभ एवं सुख-समृद्धि के कार्यों में सफलता मिलेगी।
ॐ श्री विष्णवे नम:,
ॐ नमो नारायणाय,
ॐ अच्युताय नम:,
ॐ लक्ष्मीपतये नम:,
ॐ जनार्दनाय नम:,
ॐ श्री हरे नम:,
ॐ केशवाय नम: तथा ऊं श्री ह्रीं श्री महालक्ष्म्यै श्री ह्रीं नम:।। विष्णु पत्नी महालक्ष्मी नमोस्तुते।। कार्य शुभम करोतु एवं कुलदैव्यै नम:।
भगवान विष्णु का लक्ष्मी सहित पूजन करें, साथ में यह उपाय करें
श्री सूक्त का सोलह पाठ नित्य प्रतिदिन करें या करवाएं।
गीता के बारहवें अध्याय का पाठ करें।
श्री कनक धारा स्तोत्र का 11 पाठ नित्य प्रतिदिन करें।
श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ नियमित करें। जहां विष्णु रहते हैं वहीं लक्ष्मी जी रहती हैं। लक्ष्मी जी विष्णु जी को छोड़कर अन्यत्र कहीं नहीं रहतीं। अत: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यंत उपयोगी है।

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