
आज सावन का आखिरी सोमवार है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. आज श्रावण पूर्णिमा भी है. इसके साथ ही आज रक्षाबंधन भी है. इस अवसर अपर ग्रह-नक्षत्रों का बेहद शुभ और अद्भुत संयोग बन रहा है. कई मायनों में सवान का आखिरी सोमवार भी कई मायनों में खास है. सावन के आखिरी सोमवार में आज पूर्णिमा तिथि है. इस दिन चंद्रमा के मकर राशि में होने से प्रीति योग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, यह शुभ संयोग सुबह 6 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इसके बाद ग्रह-नक्षत्र में बदलाव से आयुष्मान योग लग जाएगा.
शिव के पंचमुख के अवतार का है महत्व:
सावन का आखिरी सोमवार भगवान शिव के पंचमुखी रूप को समर्पित माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन भगवान शिव के पंचमुख के अवतार की कथा पढ़ने और सुनने का बहुत महत्व है. यह भी माना जाता है कि आज शिव के पंचमुख के अवतार की कथा का श्रवण यानी कि सुनने मात्र से मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती है.
श्रावण पूर्णिमा (Shravan purnima 2020)
इस बार सावन का आखिरी सोमवार श्रावण पूर्णिमा के दिन है. पूर्णिमा का स्वामी चंद्रदेव को माना गया है और सोमवार का दिन जटा में चंद्रमा धारण करने वाले भवन भोले शंकर को समर्पित माना जाता है. इसलिए सावन का यह सोमवार बेहद ख़ास महत्व वाला है. इसे सौम्या तिथि कहा जाता है. इस दिन विधि-विधान से चंद्रमा की पूजा करने वाले जातक को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है.
श्रावण पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त:
श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा
श्रावण पूर्णिमा का प्रारम्भ – 2 अगस्त रात्रि 09: 28 पी एम से
श्रावण पूर्णिमा का समाप्त – 3 अगस्त रात्रि 09: 28 पी एम
रक्षाबंधन 2020 का शुभ मुहूर्त
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्राकाल में भाई को राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि, शूर्पणखा ने रावण को भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया. आज भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है. राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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