
आज खासकर शहरों में एकल परिवारों का चलन है. ऐसे में जब महिलाएं प्रेग्नेंट (Pregnant) होती हैं, तो उनके पास सिवाय पति (Husband) के कोई दूसरा नहीं होता. इन हालात में पति की जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है. एक तरफ बाहरी काम का दबाव और दूसरी ओर पत्नी की देखभाल इन हालात में भी पति को संतुलन बनाए रखते हुए पत्नी की न सिर्फ सेहत (Health) का ख्याल ही रखना जिम्मेदारी होती है, बल्कि उसे खुशनुमा माहौल भी मिले यह भी जरूरी है. इसलिए जरूरी है कि एक अच्छे पार्टनर (Good Partner) के तौर पर आप कुछ बातों का ख्याल रखें, ताकि आपकी पत्नी इन खूबसूरत पलों को दिल से जी सके और सेहतमंद रहे.
भावनात्मक सपोर्ट जरूरी
पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी को खुश रखने की कोशिश करे. इसके लिए कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं है. बस छोटी-छोटी बातों में ख्याल रखें. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में काफी बदलाव होते हैं, ऐसे में उन्हें भावनात्मक सपोर्ट दें और घर के काम में भी उनका हाथ बंटाएं.
चेकअप के लिए जाएं साथ
इस हालत में पत्नी को नियमित चेकअप होते रहना चाहिए. ताकि कोई दिक्कत न आए. कोशिश करें कि जब भी पत्नी को डॉक्टर को दिखाना हो, आप भी साथ जरूर जाएं. इस हालत में पत्नी की मानसिक और भावनात्मक मजबूती के लिए यह जरूरी भी है.
रखें पूरा ख्याल
कई बार इस हालत में दवाओं, इंजेक्शन आदि को लेने का समय वह भूल सकती हैं. इसलिए एक अच्छे जीवन साथी की तरह आपकी जिम्मेदारी है कि आप उनकी दवाओं और इंजेक्शन आदि का समय ध्यान रखें और उन्हें याद दिलाते रहें. इस हालत में अक्सर महिलाओं को किसी चीज से एलर्जी हो जाती है. ऐसे में आप ख्याल रखें कि वह चीज उन्हें न दी जाए.
ज्यादा समय बिताएं
अपनी पत्नी को भावनात्मक सपोर्ट के साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करें, ताकि वह अकेले में नकारात्मक विचारों को न सोचने लगें या फिर घबराहट आदि न होने लगे. आपका साथ उन्हें मजबूती देगा.
तनाव से रखें दूर
गर्भावस्था के दौरान कोशिश करें कि आपकी पत्नी स्ट्रेस से दूर रहे. इस हालत में उन्हें किसी भी तरह का अनावश्यक तनाव न दें. जब भी वह तनाव में हों तो उन्हें समझाएं. किसी भी तरह की घबराहट हो तो उन्हें हिम्मत बंधाएं.
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