
आजक्ल ब्यूटी ट्रीटमेंट में थ्रेडिंग का काफी इस्तेमाल किया जाता है। थ्रेडिंग आंखों की आईब्रो व आंखों के चारो तरफ किया जाने वाला प्रसिद्ध व प्राचीन कालीन सौन्दर्य विधि है। शादी हो या पार्टी थ्रेडि़ग करने से चेहरे की त्वचा पर अलग सी चमक व सुन्दरता आ जाती है। अकसर आपने ध्यान दिया होगा कि थ्रेडि़ग के बाद त्वचा पर दाने, पिंपल्स, हल्के धब्बे बन जाते हैं।
थ्रेडिंग के बाद ध्यान रखें इन बातों का…..
# थ्रेडिंग करवाने से पहले चेहरे को धोकर अच्छे से पोंछ लें। त्वचा को गुनगुने पानी से धोने पर ज्यादा फायदा होता है। इससे थ्रेडिंग करवाते समय दर्द कम होगा और आप फ्रेश फील करेगी।
# फिर एक कॉटन का साफ कपड़ा लेकर अपने चेहरे को हल्के हाथों से पोंछ लें। क्योंकि रगड़कर पोंछने से आपकी त्वचा ड्राई हो सकती है।
# अब घरेलू टोनर लगाकर अपने चेहरे को हल्का नम कर दें। दाने वाली त्वचा के लिए विच हेजल जडी़ बूटी से बना टोनर अच्छा रहता है। आप चाहें तो दालचीनी की चाय को टोनर के रूप में लगा सकते हैं।
# अब पार्लर में जाकर थ्रेडि़ंग बना लें।
# फिर टोनर को आईब्रो पर लगाकर बर्फ लगाएं। इससे आपको जलन और संक्रमण नहीं होता है।
# अगर आप अपना चेहरा धोना चाहती हैं तो गुलाब जल से धोयें। यह प्राकृतिक जल, आईब्रो पर लगने वाले कट को सही कर देता है और दाने व पिंपल भी सही हो जाते हैं।
# सुनिश्चित करें कि थ्रेडिंग करवाने के बाद 12 से 24 घंटे के बीच थ्रेडि़ग वाले हिस्से को न छुएं। ऐसा करने से वहां पिंपल्स, चकत्ते या जलन पैदा हो सकती है।
# अपने चेहरे पर थ्रेडिंग करवाने के बाद, उस हिस्से में कम से कम 12 घंटे की अवधि के दौरान एसिड की मौजूदगी वाले सुगांधित कॉस्मेटिक उत्पाद जैसे क्लींजर और मॉश्चराइचर न लगाये। ऐसा इसलिए क्योंकि यह एसिडिक उत्पाद त्वचा की बाहरी परत को हटा देते हैं। बाल हटाने के बाद इन्हें इस्तेमाल करने से प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है, खासकर अगर आपकी संवेदनशील त्वचा है तो।थ्रेडिंग के तुरंत बाद किसी भी प्रकार के स्टीम ट्रीटमेंट से बचें।
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