
भारतीय खिलाड़ियों में एमएस धोनी (MS Dhoni) के सबसे खास दोस्त रहे रुद्र प्रताप सिंह (Rudra Pratap Singh) ने साल 2002 में माही से जुड़ी एक घटना को याद करते हुए कहा कि तब उन्हें पहली पार यह एहसास हुआ कि एमएस (MS Dhoni) कितने चतुर कप्तान हैं और वह कैसे आगे रहकर टीम का नेतृत्व करते हैं।दक्षिण अफ्रीका में खेला गया यह विश्व कप धोनी (MS Dhoni) के लिए प्रदर्शन के लिहाज से खास नहीं रहा था।
और उन्होंने 33, 2, 10*, 45, 36 और 6 का स्कोर किया था, लेकिन रुद्र (RP Singh) ने कहा है कि एमएस धोनी की उपस्थिति ने बड़ा अंतर पैदा किया।आरपी ने कहा कि मेरे लिए यह 2007 के वर्ल्ड कप का फाइनल था, जब मुझे एहसास हुआ कि एमएस एक खास खिलाड़ी है. और यह वह धोनी नहीं था, जिससे मैं बात कर रहा था. इस पूर्व लेफ्टआर्म सीमर ने कहा कि अगर आप नजदीकी से देखोगे, तो पाओगे कि इस टूर्नामेंट में एमएस ने बल्ले से कोई खास प्रदर्शन नहीं किया था।
लेकिन उन्होंने हर मैच में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।टूर्नामेंट में 12 विकेट लेने वाले आरपी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फाइनल में एमएस ने पहले ही मुझे बता दिया था कि कामराम अकमल बोल्ड होगा क्योंकि उसके पैर नहीं चल रहे हैं. ऐसे में एमएस ने मुझे तमाम बातें भूलकर बॉलिंग लाइन व लंबाई पर ध्यान लगाने को कहा. आरपी ने कहा कि मुझे एहसास हुआ कि धोनी की बल्लेबाज को पढ़ने की क्षमता बहुत ही शानदार है ।
क्योंकि मैं अकमल को अलग तरीके से गेंदबाजी करता. मैंने अकमल के लिए अलग ही फील्डिंग सजायी थी, लेकिन एमएस मुझे इस तरह से समझाया कि चीजों को अमल में लाना आसान हो गया. और जैसा एमएस ने सोचा था, अकमल क्रीज के अंदर ही फंस गया और बोल्ड हो गया।
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