
कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन में दुनियाभर में ही बार और रेस्त्रां बंद हैं और युवा अपने प्रेमी-प्रेमिकाओं से मिल नहीं पा रहे हैं.ऐसे में घर में कैद युवाओं के लिए अपना जीवनसाथी चुनने के लिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म काम आ रहे हैं.
ऐसे में कई डेटिंग एप्स का का कारोबार फल-फूल रहा है.
नाजीरिया के 25 साल के अकीननावो कहते हैं, लॉकडाउन के प्रतिबंधों के बीच ऑनलाइन डेटिंग मेरे लिए एक दम परफेक्ट है, मैं वैसे भी घर में ही रहना पसंद करता हूं.
कोरोनावायरस से परेशान हुए उनके जैसे बहुत से युवा प्रोफेशन्स के लिए खास तौर से तैयार की गई ऑनलाइन डेटिंग फेसिलिटीज़ तैयार की गई हैं.
नाइजीरिया के लागोस में आम तौर पर कोरोनावायरस से पहले सामाजिक समारोहों में युवा मिलते थे और या फिर चर्च या मस्जिद के सोशल नेटवर्क के ज़रिए मिलते थे.
साल 2019 में शुरू हुए डेटिंग एप वाइब को उपयोग करने वालों की संख्या लॉकडाउन के बाद से प्रतिबंधों के बीच लगभग 8000 बढ़ गई है.
वाइब के को-फाउंडर एडेटोलानी एको कहते है, कोरोनावायरस हमारे लिए अनोखे तौर पर अच्छा है. लोगों को यह अनुभव हो रहा है कि उन्हें अब नए तौर तरीकों से मिलना होगा.
डेटिंग एप दे रहे प्रीमियम सर्विसेज़
वाइब और लागोसमैचमेकर पर डेटिंग कोच दीदी एडेट कई एक्टिविटी चला रहे हैं. यहां कई प्रीमियम सर्विसेज़ दी जा रही हैं जो दूसरे एप्स पर नहीं देते.
लोग पहली डेट पर मिल नहीं सकते, जब तक कि लोग घर पर ना मिलें. बाक़ी लोगों को आज कल यह महसूस नहीं कर रहे हैं कि बाहर मिलना सुरक्षित नहीं है.
एडेट डेटिंग इन क्वारेंटीन नाम से प्रोग्राम चलाते हैं जिसमें 500 से अधिक लोग शामिल हैं.
वाइब में गेम नाइट्स होती हैं और स्पीड डेटिंग सेशन होती हैं. अकीनावो कहते हैं, इसी तरह मैं भी एक महिला से मिला. हमने पहले हफ्ते में चार-पांच दिन बात की. स्विमिंग, गाने और जेंडर रोल्स के बारे में बात की.
एकीनावो कहते हैं ऑनलाइन डेटिंग में आप असल में किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट पर ध्यान नहीं देते हैं बल्कि आप उनके जवाबों पर ध्यान लगा पाते हैं जो आप सुन रहे होते हैं.
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