राजस्थान सियासी घमासान: IT के बाद अब मैदान में उतरा ED, कई ठिकानों पर छापेमारी

राजस्थान सियासी घमासान: IT के बाद अब मैदान में उतरा ED, कई ठिकानों पर छापेमारी

राजस्थान में सियासी उथल-पुथल के बीच छापेमारी भी शुरू हो गई है. एक तरफ जहां सचिन पायलट की बगावत के बाद अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जांच एजेंसियां अशोक गहलोत के करीबियों और कांग्रेसियों पर शिकंजा कस रही हैं.

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की टीम राजस्थान में छापेमारी कर रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के पार्टनर रविकांत शर्मा ईडी के रडार पर हैं. शर्मा और वैभग गहलोत बिजनेस पार्टनर हैं.

रविकांत शर्मा को ईडी ने कुछ दिन पहले ही तलब किया था. अब उनसे पूछताछ की जा रही है. हालांकि, ईडी का ये कहना है कि आयकर विभाग की रेड से उनका कोई कनेक्शन नहीं है.

ईडी को शक है कि बड़े पैमाने पर विदेशों से पैसे का लेन-देन हुआ है. ये बताया जा रहा है कि रविकांत शर्मा ने मॉरिशस से 96.7 करोड़ रुपये रिसीव किए. जयपुर के लग्जरी होटल फेयरमॉन्ट में भी रविकांत शर्मा की हिस्सेदारी बताई जा रही है.

इससे पहले सोमवार सुबह को राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के 22 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी (Income Tax Raids) हुई. राजस्थान कांग्रेस के दो बडे़ नेताओं राजीव अरोड़ा (Rajeev Aroroa) और धर्मेंद्र राठौड़ (Dharmendra Rathod) के ठिकानों पर यह छापेमारी हुई. 200 से ज्यादा अधिकारी मिलकर इस छापेमारी को अंजाम दे रहे हैं.

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक विभाग राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में कई स्थानों पर छापेमारी कर रहा है. जयपुर, कोटा, दिल्ली और मुंबई में खोजें चल रही हैं. आईटी विभाग के सूत्रों का कहना है कि ये छापेमारी कर चोरी की शिकायत पर की जा रही हैं.

बता दें, दोनों ही नेता गहलोत के करीबी भी माने जाते हैं. राजीव अरोड़ा अरोड़ा को सीएम गहलोत का फाइनेंशियल मैनेजर माना जाता है तो वहीं धर्मेंद्र राठौड़ उनके सबसे करिबियों में गिने जाते हैं. राजीव पेशे से ज्वेलर भी हैं तो वहीं धर्मेंद्र राठौर ने अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान अहम भूमिका निभाई थी.

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