
महामारी के इस वक्त में लोगों को अपने दोस्तों की अहमियत के बारे में जरूर पता चला है. साथ ही ये भी कि कौन सा दोस्त वाकई में उनकी केयर करता है. दोस्तों के होने का एहसास ही हमें जिंदगी में कई बार सुरक्षित महसूस करवाता है.
दोस्ती सही में लोगों की जिंदगी को खास बना देती है. सोचें कि दोस्तों के बिना कोरोनावायरस के इस वक्त में, जिंदगी कितनी मुश्किल हो जाती, जब सब लोग अपने घरों में बंद है. इस दौरान केवल दोस्तों के साथ फोन कॉल्स या फिर जूम और वीडियो कॉल्स पर की गई वो बातें ही खास रही हैं, जिन्होंने कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया. हमेशा ये जरूरी नहीं है कि आप अपने दोस्तों से रोज मिलें, जरूरी यह है कि आप जानते हैं कि आपके दोस्त आपके साथ हैं.
क्यों जरूरी है अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस
दुनिया में हिंसा, गरीबी और मानवाधिकारों के हनन जैसी कई चुनौतियां हैं. दोस्ती का यह दिन मानवीय भावना को साझा करने का दिन है, जो मानवता के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने में मदद करता है. हम दोस्ती के जरिए वास्तव में एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित समाज में रहने की कामना कर सकते हैं, जहां लोगों में एक दूसरे लिए सहानुभति और प्रेम की भावना हो.
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे घोषित किया था. फ्रेंडशिप डे की शरुआत इस विचार के साथ की गई थी कि इससे लोगों, देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच मित्रता के पुलों का निर्माण होगा.
यूएन ने फ्रेंडशिप डे पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, ''कोविड-19 के वक्त में फिजिकल डिस्टेंसिंग जरूरी है इसका मतलब ये नहीं कि आप इमोशनल और सोशल आइसोलेशन पर चलें जाएं. अपने दोस्तों से बात करें''.
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