अंपायर का खुलासा- सचिन तेंदुलकर को भी लगता था कि वे ‘शोल्डर बिफोर विकेट’ आउट थे

अंपायर का खुलासा- सचिन तेंदुलकर को भी लगता था कि वे ‘शोल्डर बिफोर विकेट’ आउट थे

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आइसीसी के एलीट अंपायरों के पैनल में रहे ऑस्ट्रेलिया के डैरेल हार्पर को भारत में इसलिए भी याद किया जाता है, क्योंकि उन्होंने सचिन तेंदुलकर को कंधे पर गेंद लगने के बाद एलबीडब्ल्यू आउट दिया था। यह ऐसा फैसला था, जिसकी कई दिनों तक चर्चा हुई, लेकिन हार्पर ने कहा है कि वह इससे परेशान नहीं थे। उन्होंने सिर्फ तय नियमों का पालन किया था।

हार्पर ने सोशल मीडिया पर लाइव चैट करते हुए कहा है, “हो सकता है कि आप इस बात को जानकर दुखी हों कि मुझे अभी भी उस फैसले पर गर्व है, क्योंकि मैंने वो चीज देखी, बिना किसी डर के नियम लागू किए।” गौरतलब है कि साल 1999 एडिलेड टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी कर रहे थे। उसी समय ग्लेन मैक्ग्रा की बाउंसर गेंद पर डक हो गए थे, लेकिन गेंद ने अधिक उछाल नहीं लिया और गेंद विकेट के सामने बैठे तेंदुलकर के कंधे पर जाकर लगी थी।

चूंकि, सचिन तेंदुलकर विकेट के ठीक सामने थे और गेंद भी जब बाउंस नहीं हुई तो देखने में लगा कि गेंद स्टंप्स को हिट करेगी। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने इस पर जोरदार अपील की। इसके बाद स्ट्राइक एंड पर खड़े अंपायर डैरेल हार्पर ने सचिन तेंदुलकर को बेझिझक आउट दे दिया। उस समय सचिन तेंदुलकर इस फैसले से नाखुश नजर आए थे, लेकिन हार्पर ने कहा है कि उन्होंने बाद में स्वीकार कर लिया था कि वे आउट थे।

कंगारू अंपायर डैरेल हार्पर ने कहा कि उस मैच में टीम के विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने कई वर्षों बाद उनसे कहा था कि सचिन का मानना था कि वह सही फैसला था। उन्होंने बताया, “दिसंबर 2018 में जब मैं एमएसके से मिला तो उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर को भी लगता था कि वह उस गेंद पर आउट थे।” इंटरनेशनल क्रिकेट में ये पहला मौका था, जब किसी के कंधे पर गेंद लगी थी और उसे आउट दे दिया था। हालांकि, साल 2018 की टेस्ट सीरीज में पृथ्वी शॉ के साथ भी ऐसा ही हुआ था, लेकिन उनको अंपायर्स कॉल की वजह से नॉट आउट दिया गया था।

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