
सावन का महीना बारिश का होता है। साथ ही यह पर्व और उत्सव का भी अवसर होता है। वर्षा ऋतु में चारों तरफ हरियाली हो जाती है। गांवों में पेड़ों पर झूले पड़ जाते हैं और छोटी-छोटी लड़कियां और युवतियां लोक संगीत के बीच झूला झूलती हैं। इस हरियाली के महीने में हरे रंग का बड़ा महत्व होता है।

कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि हरे रंग के प्रकृति से जुड़े होने से इसका सीधा असर भाग्य पर पड़ता है। यह सोए हुए भाग्य को जगाता है। सावन के महीने में महिलाओं के हरा रंग धारण करने से उनके सुहाग की सलामती का आशीर्वाद मिलता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हरे रंग से वातावरण में शांति का भाव पैदा होता है। इससे सुख, उत्साह और आशा का आभास होता है। माना जाता है कि हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनकर पूजा करने से भगवान विष्णु और भगवान महादेव शिव प्रसन्न होते हैं। मनोकामनाएं पूरी होती हैं। देवी लक्ष्मी, पार्वती और दुर्गा को भी हरा रंग बहुत पसंद है। यही वजह है कि मंदिरों में महिलाएं सुहाग की चीजें चढ़ाते समय हरे और लाल रंग की चूड़ियां भी अर्पण करती हैं।

0 Comments