यहां ‘धधक’ रहा है नीले रंग का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लावा, ज्वालामुखी फटने के हैं आसार! तस्वीर वायरल



दुनिया में कोरोना संकट के बीच एक ऐसी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसे देखने के बाद हर कोई हैरान रह गया है, दरअसल इस वायरल तस्वीरों में एक ज्वालामुखी का नीला झरना लोगों को आकर्षित कर रहा है, हर कोई इस ज्वालामुखी के बारे में जानना चाह रहा है, आखिर ऐसा हो कैसे रहा है?. आमतौर किसी ज्वालामुखी के अंदर का ज्वार लाल या पीला होता है. लेकिन सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं इसमें ज्वालामुखी का लावा नीला दिखाई पड़ रहा है. जो कई दशकों में ऐसा देखने को मिलता है. यह हैरतअंगेज नजारा इंडोनेशिया (Indonesia) में फट रहे ज्वालामुखी का है, जो इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. अमूमन जब भी कोई ज्वालामुखी (Volcano) फटता है तो उससे आग निकलती है, लेकिन इसमें से नीले रंग का लावा निकल रहा है. जो दिखने में बेहद आकर्षित लग रहा है.

ज्वालामुखी पर कर रहे रिसर्च पेरिस के फोटोग्राफर ओलिवर ग्रुनेवाल्ड का कहना है कि यह नीली चमक लावा की नहीं है. उनका कहना है कि जब ज्वालामुखी की दरारों से सल्फ्यूरिक एसिड बाहर आती है और ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर वह नीली ज्लावा पैदा करती है. जिसके यह नजारा दिखने में तो शानदार लगता है लेकिन है बहुत खतरनाक!

बता दें कि इस आग के रंग की चमक इतनी तेज होती है इसका धूंआ पूरे आसमान में छा जाता है. कावा इजेन नाम का यह ज्वालामुखी एक इलेक्ट्रिक ब्लू रंग की लावा उगल रहा है. यह नीले रंग का लावा पहाड़ की ढलान पर बहुत ही खूबसूरत दिखाई दे रहा है जिसने आसपास के लोगों का ध्यान खींचा है.



इन इलाकों में दूर दूर से यात्री और फोटोग्राफर्स इस लावा की तस्वीर लेने के लिए आने लगे हैं. ओलिवर के मुताबिक यह नीला रंग रात में और सूर्यास्त के बाद और भी खूबसूरत दिखाई पड़ता है.



एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके नीले रंग के पीछे तरल सल्फर लगातार जलता है और वह पर्वत की ढलान से नीचे की और बढ़ता है तब वह यह भ्रम पैदा करता है कि लावा बह रहा है. हालांकि ऐसा नहीं है लावा की सतह उसके आस-पास इलाकों तक ही रहती है. इसलिए इन इलाकों पर लोगों की आवाजाही भी कम की गई है.

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