हिन्दू धर्म में मंदिर में परिक्रमा लगाने की मान्यता है कहते है इससे भगवान खुश होते है और इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।

मान्यता के अनुसार प्रिक्तमा लगाने से व्यक्ति का मन शुद्ध होता है और उसमे पॉजिटिविटी आती है पौराणिक कथाओ की मान्यताओं के अनुसार एक बार सभी देवी देवता और भगवान में खुद को सबसे महान बनने की होड़ गई थी ऐसे में तय हुआ की जो सबसे अहले ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाकर वापस आ जायेगा वो ही जीता हुआ माना जायेगा।

ऐसे में भगवान गणेश अपने माता पिता की परिक्रमा कर ली और वो ही विजयी माने गए तभी से ऐसा मान लिया की भगवान की परिक्रमा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सुख समृद्धि होती है।

भगवान की परिक्रमा करने पहले हमेशा इस बात का ध्यान रखे की हमेशा मूर्ति के दये तरफ से परिक्रमा करे और शांत मन से जयकारे लगते हुए कम से कम 8 बार भगवान की परिक्रमा करे।

इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारन भी है की मंदिर में रोज भगवान की पूजा होती है इसलिए वहां का माहौल काफी सकारात्मक होता है इससे व्यक्ति को ऊर्जा के सम्पर्क में आता है और उसे काफी सुकून भी मिलता है।


मान्यता के अनुसार प्रिक्तमा लगाने से व्यक्ति का मन शुद्ध होता है और उसमे पॉजिटिविटी आती है पौराणिक कथाओ की मान्यताओं के अनुसार एक बार सभी देवी देवता और भगवान में खुद को सबसे महान बनने की होड़ गई थी ऐसे में तय हुआ की जो सबसे अहले ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाकर वापस आ जायेगा वो ही जीता हुआ माना जायेगा।

ऐसे में भगवान गणेश अपने माता पिता की परिक्रमा कर ली और वो ही विजयी माने गए तभी से ऐसा मान लिया की भगवान की परिक्रमा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सुख समृद्धि होती है।

भगवान की परिक्रमा करने पहले हमेशा इस बात का ध्यान रखे की हमेशा मूर्ति के दये तरफ से परिक्रमा करे और शांत मन से जयकारे लगते हुए कम से कम 8 बार भगवान की परिक्रमा करे।

इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारन भी है की मंदिर में रोज भगवान की पूजा होती है इसलिए वहां का माहौल काफी सकारात्मक होता है इससे व्यक्ति को ऊर्जा के सम्पर्क में आता है और उसे काफी सुकून भी मिलता है।

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