आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि भगवान शिव को सावन का महीना क्यों ज्यादा प्रिय लगता है और इस महीने में की गई पूजा का विशेष महत्व क्यों है और भक्तों का कल्याण कैसे होता हैं ?

सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ज्यादा प्यारा लगता है, इस महीने में महादेव की पूजा करने से आपको विशेष तरह का फल मिलता है बता दें कि इस महीने में भगवान शिव को जल अर्पित किया जाता है जबकि पूजा-पाठ और व्रत भी किये जाते हैं तो आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि भगवान शिव को सावन का महीना क्यों अच्छा लगता हैं।

पुराने कथाओ अनुसार बताया गया कि भगवान शिव को सावन का महीना सबसे ज्यादा अच्छा लगता है और शिव ने खुद बताया की," जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योग शक्ति द्वारा अपना देह त्याग किया इससे पहले सती ने महादेव को प्रत्येक जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण लिया।

दूसरे जन्म में देवी सती ने राजा हिमाचल और रानी मैना के घर में पार्वती के रूप में जन्मी और पार्वती के रूप में देवी ने अपनी युवा अवस्था में सावन के महीने में कठोर व्रत किया था पार्वती की पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनको पत्नी रूप में स्वीकार किया इसी वजह से भगवान महादेव को सावन का महीना बहुत ज्यादा प्यारा लगता है।

एक और कथा अनुसार शिवजी सावन के महीने में धरती पर अवतरित होकर अपने सुसराल गए थे वहां पर उनका स्वागत अघर्य देकर और जल से किया गया था, इस कारण सावन के महीने में उनका जल अभिषेक किया जाता है।

सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ज्यादा प्यारा लगता है, इस महीने में महादेव की पूजा करने से आपको विशेष तरह का फल मिलता है बता दें कि इस महीने में भगवान शिव को जल अर्पित किया जाता है जबकि पूजा-पाठ और व्रत भी किये जाते हैं तो आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि भगवान शिव को सावन का महीना क्यों अच्छा लगता हैं।

पुराने कथाओ अनुसार बताया गया कि भगवान शिव को सावन का महीना सबसे ज्यादा अच्छा लगता है और शिव ने खुद बताया की," जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योग शक्ति द्वारा अपना देह त्याग किया इससे पहले सती ने महादेव को प्रत्येक जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण लिया।

दूसरे जन्म में देवी सती ने राजा हिमाचल और रानी मैना के घर में पार्वती के रूप में जन्मी और पार्वती के रूप में देवी ने अपनी युवा अवस्था में सावन के महीने में कठोर व्रत किया था पार्वती की पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनको पत्नी रूप में स्वीकार किया इसी वजह से भगवान महादेव को सावन का महीना बहुत ज्यादा प्यारा लगता है।

एक और कथा अनुसार शिवजी सावन के महीने में धरती पर अवतरित होकर अपने सुसराल गए थे वहां पर उनका स्वागत अघर्य देकर और जल से किया गया था, इस कारण सावन के महीने में उनका जल अभिषेक किया जाता है।
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