
गर्मी का मौसम उन लोगों के लिए सिरदर्द बन जाता है जो घमौरियों के शिकार हो जाते हैं. घमौरी के कारण बहुत खुजली होती है और त्वचा के कुछ हिस्सों में कांटे जैसा महसूस होता है. यही नहीं इसकी वजह से त्वचा (Skin) को भी नुकसान पहुंचता है. खूब पसीना आने पर या पूरे समय गर्मी में रहने पर किसी भी उम्र के लोगों को घमौरी हो सकती है.
इससे पीठ, गर्दन, छाती के ऊपरी भाग और शरीर के अन्य हिस्सों पर छोटे-छोटे चुभने वाले दाने निकल जाते हैं. डॉ. उमर अफरोज का कहना है कि घमौरियां अधिकतर गर्म और नम स्थितियों में होती हैं. यह तब उभरती हैं जब त्वचा के अवरुद्ध छिद्र त्वचा के नीचे मौजूद पसीने को बाहर नहीं निकलने देते. इसमें छाले और छोटे-छोटे गांठ होते हैं. वैसे तो घमौरियां अपने आप ठीक हो जाती हैं, लेकिन त्वचा को ठंडा रखकर और पसीने को कम कर इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है.
नवजात शिशुओं, गर्म क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और ज्यादा पसीना निकलने वाली शारीरिक गतिविधि करने वालों में घमौरियां हो सकती हैं. यही नहीं कभी-कभी घमौरी बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकती हैं. इसके द्रव से भरे हुए उभार दर्दनाक, बड़े और ज्यादा सूजन वाले हो जाते हैं.
डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि घमौरियों को स्वेट रैश या हीट रैश भी कहते हैं और डॉक्टरी भाषा में इसका नाम मिलिरिया कहवाका है. अगर घमौरियों के शुरुआती लक्षण कम हैं तो जरूरी उपाय कर राहत पा सकते हैं. साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें जैसे घमौरियां होने पर टाइट कपड़े न पहनें वरना खुजली, जलन ज्यादा होगी. ऐसी जगह पर रहें जहां ठंडक हो और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. दिनभर में दो से तीन बार ठंडे पानी से नहाएं. ऐसी क्रीम या तेल का इस्तेमाल न करें जिससे त्वचा में छिद्र बंद हो जाएं.
एलोवेरा
त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए एलोवेरा का पौधा बड़े काम का साबित हो सकता है. इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन और खुजली को कम कर देते हैं. यह पानी की कमी नहीं होने देता है और ठंडक देता है. एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर प्रभावित क्षेत्र में लगाएं और 15-20 मिनट तक छोड़ें. सप्ताह में दो बार यह उपाय अपनाएं.
दही
दही त्वचा को ठंडक देती है और त्वचा में होने वाली सूजन, जलन व खुजली को कम करती है. दही छिद्रों को बंद करने में मदद करती है, जिससे घमौरियों का तेजी से इलाज होता है. इसके लिए दही को प्रभावित क्षेत्र में लगाकर 20 मिनट तक छोड़ दें और फिर पानी से धो लें.
खीरा
खीरे में ठंडक देने के गुण होते हैं और जलन की समस्या भी दूर करते हैं. खीरे के पतले टुकड़े काटकर फ्रिज में रख दें और फिर प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं जब तक कि खीरे की गर्माहट महसूस न हो.
बर्फ
तीन से चार बर्फ के टुकड़े और एक तौलिया लें. बर्फ के टुकड़ों को तौलिये या कपड़ें में बांध लें. उसे प्रभावित क्षेत्रों पर पांच से दस मिनट तक लगाकर रखें. इस उपाय को हर पांच से छह घंटे में दो से तीन बार दोहराएं.
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