जानकर यकीन नहीं करोगे अकबर के मीना बाजार का वह सच जिसे आप नहीं जानते

जानकर यकीन नहीं करोगे अकबर के मीना बाजार का वह सच जिसे आप नहीं जानते

जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर  तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था। अकबर को अकबर-ऐ-आज़म (अर्थात अकबर महान), शहंशाह अकबर, महाबली शहंशाह के नाम से भी जाना जाता है। सम्राट अकबर मुगल साम्राज्य के संस्थापक जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का पौत्र और नासिरुद्दीन हुमायूं एवं हमीदा बानो का पुत्र था। बाबर का वंश तैमूर और मंगोल नेता चंगेज खां से संबंधित था अर्थात उसके वंशज तैमूर लंग के खानदान से थे और मातृपक्ष का संबंध चंगेज खां से था। अकबर के शासन के अंत तक 1605 में मुगल साम्राज्य में उत्तरी और मध्य भारत के अधिकाश भाग सम्मिलित थे और उस समय के सर्वाधिक शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था। बादशाहों में अकबर ही एक ऐसा बादशाह था, जिसे हिन्दू मुस्लिम दोनों वर्गों का बराबर प्यार और सम्मान मिला।

आज हम आप लोगों को अकबर द्वारा निर्माण कराए गए मीना बाजार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते हैं। दोस्तों बता दे राजा अकबर ने मीना बाजार का निर्माण दिल्ली में करवाया था। राजा अकबर ने मीना बाजार का निर्माण दिल्ली में अपने हरम के पास करवाया था। अकबर की मीना बाजार के निर्माण करवाने के पीछे का मुख्य कारण यह था कि अकबर के हरम में जितने भी स्त्रियां रहती थी, वह सामान खरीदने के लिए किसी दूसरे बाजार में ना जाएं।

लेकिन दोस्तों कुछ इतिहासकार मीना बाजार के निर्माण के पीछे कुछ और बातें बताते हैं कुछ इतिहासकारों का मानना है कि अकबर ने मीना बाजार का निर्माण किसने करवाया था ताकि वह मीना बाजार के माध्यम से अपने हरम के लिए औरतों का चुनाव कर सकें। दोस्तों कहा जाता है कि अकबर भेष बदलकर मीना बाजार में आया करता था और जो भी औरत उसे पसंद आ जाती थी उसे वह अपने हरम में ले जाता था।

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