सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने से दुगुना फल मिलने के साथ आपके लाखो संकट चुटकियों में दूर हो जायेंगे इसलिए जाने, पूजा का तरीका।


भगवान शिव अपने भक्तो के संकट देख नहीं सकते इसलिए जल्द ही भक्तो की पूजा से खुश होकर उनकी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं, भगवान शिव की पूजा सावन के महीने में करने से आपको उचित फल लाभ मिलेगा ही जबकि करियर के उच्चतम पड़ाव को आप हासिल करेंगे।

भगवान शिव का सावन के महीने में श्रृंगार भी किया जाना चाहिए इनके 9 श्रृंगार -पैरों में कड़ा, मृगछाला, रुद्राक्ष, नागदेवता, खप्पर, डमरू, त्रिशूल, शीश पर गंगा और शीश पर चंद्रमा हैं।

भगवान शिव के शीश पर मौजूद चद्रमा की पूजा करने से आपकी अच्छी किस्मत के दरवाजे खुल जायेंगे इसलिए भगवान शिव को दूध से अभिषेक करे।

शिव की पूजा से विद्या, बुद्धि और कला में निरपूर्णता मिलेगी ही जबकि अपार शक्तिया हासिल होगी आपको संसार के सभी सुख मिलेंगे, भगवान शिव के त्रिशूल की पूआज से विवाह समबन्धी सभी समस्याएं ख़त्म हो जाती हैं।

रुद्राक्ष रूपी शिव की पूजा करने से जल्द ही संकट दूर होंगे जबकि डमरू की पूजा समस्त रोगो से मुक्ति दिलाएगा जबकि भगवान शिव के गले में मौजदू साप की पूजा आपको तरक्की की उच्चतम सीढ़ी पर ले जाएगा।

भगवान शिव की पूजा सावन के महीने में सारे भक्त श्रद्धा भावना से करते हैं, भोलेबाबा को मनाना आसान काम भी नहीं इसलिए इनकी पूजा विधि विधान से करनी चाहिए ही जबकि इनके 9 श्रृंगार के साथ पूजा करने का भी विशेष महत्व माना जाता हैं।

भगवान शिव अपने भक्तो के संकट देख नहीं सकते इसलिए जल्द ही भक्तो की पूजा से खुश होकर उनकी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं, भगवान शिव की पूजा सावन के महीने में करने से आपको उचित फल लाभ मिलेगा ही जबकि करियर के उच्चतम पड़ाव को आप हासिल करेंगे।

भगवान शिव का सावन के महीने में श्रृंगार भी किया जाना चाहिए इनके 9 श्रृंगार -पैरों में कड़ा, मृगछाला, रुद्राक्ष, नागदेवता, खप्पर, डमरू, त्रिशूल, शीश पर गंगा और शीश पर चंद्रमा हैं।

भगवान शिव के शीश पर मौजूद चद्रमा की पूजा करने से आपकी अच्छी किस्मत के दरवाजे खुल जायेंगे इसलिए भगवान शिव को दूध से अभिषेक करे।

शिव की पूजा से विद्या, बुद्धि और कला में निरपूर्णता मिलेगी ही जबकि अपार शक्तिया हासिल होगी आपको संसार के सभी सुख मिलेंगे, भगवान शिव के त्रिशूल की पूआज से विवाह समबन्धी सभी समस्याएं ख़त्म हो जाती हैं।

रुद्राक्ष रूपी शिव की पूजा करने से जल्द ही संकट दूर होंगे जबकि डमरू की पूजा समस्त रोगो से मुक्ति दिलाएगा जबकि भगवान शिव के गले में मौजदू साप की पूजा आपको तरक्की की उच्चतम सीढ़ी पर ले जाएगा।
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