
आज लोग घरों में, फ्लैट में निर्माण कराते समय बहुत से बदलाव करते हैं। कुछ लोग बने हुए निर्माण में ही कुछ अलग कराते हैं, तो वहीं कुछ लोग सिरे से ही नया निर्माण कराते हैं। यह बदलाव कभी तो सही होती हैं, पर कभी-कभी यह बदलाव असंतुलन का कारण भी बनते हैं। जब भी कभी बने हुए निर्माण में ही परिवर्तन करते हों, तो वास्तु वाइब्स का ध्यान रखने से होने वाले असंतुलन से बचा जा सकता है। जीवन में हम जो भी कार्य करते हैं, उसका परिणाम तो हमारी मेहनत के अनुसार आता ही है, पर यहां यह बात ध्यान देने वाली है कि यह परिणाम तब और भी बेहतर आते हैं, जब घर के अंदर वास्तु वाइब्स पूरी तरह से ठीक हो, तो किए हुए कार्यों का सुपरिणाम भी जीवन में देखने को मिलता है।
स्वयं में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। अपन कार्यों में, सोच में, रिश्तों में सकारात्मकता आनी शुरू हो जाती है। आप भी अपने आशियाने में इसी तरह का कुछ बदलाव लाना चाहते हों, तो बहुत छोटे-छोटे उपाय कर सकते हैं।
1 – मसलन, प्रवेश द्वार पर ब्लैक क्रिस्टल को किसी प्लेट में रखकर एक कोने में रखें, जिससे सकारात्मकता बनी रहेगी।
2 – दक्षिण पश्चिम में परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करें। तो बेहतर होता है।
3 – घर के स्टोर रूम की समय-समय पर साफ-सफाई करते रहें।
4 – कोई खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेकार का सामान कहीं न पड़ा हो, इस बात का खास ख्याल रखें।
5 – पूजा घर में देखें कि एक भगवान की एक ही फोटो या मूर्ति हो, तो अच्छा है।
6 – घर में गणेश जी की फोटो या मूर्ति एक से ज्यादा न हो।
7– अक्सर देखा गया है कि लोग बहुत से गणेश जी सजाकर रखते हैं। यह ठीक नहीं है या घर में लगभग हर जगह भगवान जी की फोटो लगा देते हैं।
8– कभी पेंटिंग के रूप में, कभी मूर्ति के रूप में, ईश्वर को पूरे सम्मान के साथ पूजा घर में जगह दें।
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