
राजस्थान का पॉलिटिकल ड्रामा (Rajasthan Political Crisis) चरम पर पहुंच गया है. कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है और मुख्यमंत्री (Ashok Gehlot) ने इसके लिए व्हिप जारी किया है. ऐसे में अशोक गहलोत की राजस्थान सरकार के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है.
कुछ घंटों में होने वाली इस बैठक से राजस्थान का सियासी भविष्य तय होने वाला है. इस बैठक में गहलोत भी अपना पक्ष रखेंगे. राज्य के हालात को काबू करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने 3 नेताओं को जयपुर भेजा है. राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे ने दावा किया है कि अशोक गहलोत को 109 विधायकों ने अपना सहमति पत्र दिया है. वहीं दूसरी ओर पार्टी से नाराज़ सचिन पायलट के खेमे ने साफ किया है कि वो इस बैठक में शामिल नहीं होंगे.
इसके अलावा सचिन पायलट खेमा भी कई विधायकों के संपर्क में होने की बात कह रहा है. ये संख्या 30 विधायकों तक बताई जा रही है. वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता और इस वक्त जयपुर में मौजूद कपिल सिब्बल ने अपनी ट्वीट में कहा, “अपनी पार्टी के लिए चिंतित हूं. क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे?”
पार्टी ने साफ कर दिया है कि सुबह की मीटिंग में जो नहीं आएगा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पार्टी करेगी. पार्टी ने साफ कर दिया है कि सचिन पायलट अगर मीटिंग में शामिल नहीं हुए तो पार्टी उनके खिलाफ एक्शन लेगी. ऐसे में साफ नज़र आ रहा है कि आज राजस्थान की सियासत में कुछ नया होने जा रहा है.
कांग्रेस का दावा- हमारे संपर्क में भाजपा विधायक
वहीं TV9 भारतवर्ष ने जब मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकले विधायक वाजिब अली से बात की तो वो पूरा बहुमत होने की बात कह रहे हैं, तो वहीं विधायक राजेंद्र गुडा ने दावा किया है कि सचिन पायलट (Sachin Pilot) के पास अगर 30 विधायक हैं, तो भी हम सरकार बना रहे हैं, क्योंकि भाजपा के विधायक भी हमारे संपर्क में हैं.
क्या अल्पमत में है अशोक गहलोत सरकार?
इसके अलावा विधायक सयम लोढ़ा सचिन पायलट के PRO के बयान को मानने को तैयार नहीं है और कहा कि अशोक गहलोत के पास पूरा बहुमत है. दरअसल सचिन पायलट के ऑफिसयल प्रेस एडवाइजर ने कहा कि था विधायक दल की बैठक में वो शामिल नहीं होंगे. अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है और 30 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक मेरे पक्ष में हैं.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “हर चीज का समय और जगह होती है. गहलोत और पायलट, दोनों अनुभवी नेता हैं. दोनों को समझदारी और परिपक्वता दिखानी होगी, जिसके लिए वे जाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि अपनी समस्याओं को दूर कर कांग्रेस में आए सियासी उफान को जल्द से दूर करना चाहिए और दूरगामी हल निकाला जाना चाहिए.”
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