हैरान कर देगी वजह अमेरिका ने नागासाकी पर क्यों गिराया था परमाणु बम

हैरान कर देगी वजह अमेरिका ने नागासाकी पर क्यों गिराया था परमाणु बम

नाभिकीय अस्त्र या परमाणु बम एक विस्फोटक युक्ति है जिसकी विध्वंसक शक्ति का आधार नाभिकीय अभिक्रिया होती है। यह नाभिकीय संलयन या नाभिकीय विखण्डन  या इन दोनो प्रकार की नाभिकीय अभिक्रियों के सम्मिलन से बनाये जा सकते हैं। दोनो ही प्रकार की अभिक्रिया के परिणामस्वरूप थोड़े ही सामग्री से भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। आज का एक हजार किलो से थोड़ा बड़ा नाभिकीय हथियार इतनी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है जितनी कई अरब किलो के परम्परागत विस्फोटकों से ही उत्पन्न हो सकती है। नाभिकीय हथियार महाविनाशकारी हथियार कहे जाते हैं।

अमेरिका ने नागासाकी पे परमाणु बम गिराया था. एसी क्या वजह रही होगी की अमेरिका को एसा करना पड़ा. छह अगस्त, 1945 को हिरोशिमा पर पहला परमाणु बम गिराया गया. इस हमले से हिरोशिमा के 13 वर्ग किलोमीटर तक का इलाका पूरा तबाह हो गया. एक ही झटके में न जाने कितने हज़ारो लोगो की मौत हो गई. इससे होने वाले नुकसान का जबतक पता लग पाता उससे पहले जापान के एक और शहर नागासाकी पर भी अमेरिका ने परमाणु बूम से हुम्ला कर दिया. नागासाकी पर नौ अगस्त, 1945 को परमाणु बम से हमला किया गया. हलाकि नागासाकी पर परमाणु बम गिराना तय नहीं था. फिर एसा क्या हुआ की नागासाकी भी निशाना बन गया?
आठ अगस्त की रात बिट चुकी थी और एक बूम हमले के लिए बॉक्स में लदा हुआ था. यह बम किसी भीमकाय तरबूज जैसा था और इसका वजन था 4050 किलो. बम का नाम "फैट मन" रखा गया. इस दूसरे बम के निशाने पर अधोगिक नगर कोकूर था. यह पर जापान की सबसे ज्यादा गोला बारूद बनाने वाली फ़ैक्टरिया थी.
जिस विमान में बम को लादा गया था

उस विमान का ईंधन तेजी से घाट रहा था और इतना ही ईंधन बचा था की वो वापस पहुंच सके. इस अभियान के बाद कप्तान ने बताय की " हमने सभ्य नौ बजे उड़न शुरू की और जब हम मुख्य निशाने पर पहुंचे तो वह पर बादल थे और तभी हमें इसे छोड़ने का आदेश मिला और हम दूसरे लक्ष्य की ओर बढे जो की नागासाकी था". चालक द्वारा बम को गिराने वाली स्विच को दबाया गया और कुछ ही देर में भीमकाय बूम पृथ्वी की ओर बढ़ने लगा और जमीं से 500 फ़ीट की दुरी पे ही फट गया.

पूरा शहर तबाह हो गया. लोग जान पते की उनके साथ ये सब क्या और क्यों हुआ उससे पहले ही दम तोड़ चुके थे. बताया गया की हिरोशिमा में एक लाख चालीस हज़ार लोगो की मौत हुई थी जबकि नागासाकी में हुए धमाके में करीब 74 हज़ार लोगो की मौत हुई.

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