क्या आपने कहीं पर कोई ऐसा मंदिर देखा है जिसकी मूर्ति सच में प्रसाद ग्रहण करती हो ?



क्या आपने कहीं पर कोई ऐसा मंदिर देखा है जिसकी मूर्ति सच में प्रसाद ग्रहण करती हो ?

भारत में कई मंत्री रखने चमत्कार के लिए प्रसिद्ध है लेकिन आज इस मंदिर के बारे में हम आपको बताने वाले हैं उसके बारे में सुनकर आप वाक्य ही चौक जाओगे।



हनुमान जी के चमत्कार उसे तो सब वाकिफ हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के इटावा जिला की से 12 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान जी के मंदिर की मूर्ति प्रसाद खाती है और दूध भी पीती है जो भी उस मंदिर की मुख्य में डालता है पता नहीं कहां गायब हो जाता है।




आज तक इस बात का किसी को पता नहीं है कि हनुमान जी की मूर्ति की मुख्य में जो प्रसाद या लड्डू डालते हैं वह कहां गायब हो जाता है या उस पर किया हुआ अभिषेक का दूध कहां गायब हो जाता है।



मंदिर उत्तरप्रदेश के इटावा से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव रूरा के पास यमुना नदी के निकट पिलुआ महावीर मंदिर है।




इसके अलावा यहां की स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर की मूर्ति के मुख से राम नाम की ध्वनि भी आती रहती है और मूर्ति के साथ से चलने का आभास भी होता है यह मूर्ति दक्षिण की तरफ मुंह करके लेटी हुई है।




यदि मंदिर के इतिहास की बात करें तो 350 वर्ष पहले प्रताप नगर के राजा हुकुमचंद प्रताप सिंह चौहान के अधीन था जैसे ही राजा कृष्णमूर्ति के बारे में पता चला है इस मूर्ति उठाने गया लेकिन वह मूर्ति राजा से उठी नहीं इसके बाद उसने इस मूर्ति को यही स्थापित करके मंदिर बनवा दिया।



दक्षिणावर्त मूर्ति का मुख हमेशा ही पानी से भरा हुआ नजर आता है और इसके अंदर जो भी प्रसाद यादव डालते हैं वह अचानक से पता नहीं कहां गायब हो जाता है आज तक इस बात का किसी को पता नहीं चला है यह बहुत ही चमत्कारी मंदिर है।

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