जानिए वो 5 बड़ी वजह जिनके चलते हवाई जहाज का रंग सफेद होता है!



अक्सर आपने देखा होगा कि हवाई जहाज का रंग सफेद होता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। शायद इस तरफ कभी आपका ध्यान नहीं गया होगा। लेकिन ऐसा करने के पीछे कई तरह के कारण होते हैं। जो शायद आप नहीं जानते होंगे, तो अपने इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर हवाई जहाज का रंग सफेद क्यों होता है? प्लेन का रंग सफेद क्यों होता है इसके पीछे साइंस और इकोनॉमिकल दोनों ही तरह की वजह हैं। तो चलिए एक नजर डालते हैं कि प्लेन का रंग सफेद क्यों होता है?

1. प्लेन का रंग सफेद होने की सबसे बड़ी वजह गर्मी से बचाना है। हर वक्त प्लेन चाहे वो रनवे हो या फिर आसमान में धूप से घिरा रहता है। उस पर सीधा सूरज की किरणें पड़ती हैं, इन किरणों में इंफ्रारेड रेज होती हैं जो कि काफी ज्यादा गर्मी पैदा करती है। ऐसे में सफेद रंग प्लेन को गर्म होने से बचाने में मदद करता है। सफेद रंग सूरज की किरणों को 99 फीसदी तक रिफ्लेक्ट कर देता है जिससे प्लेन गर्म नहीं होता हैं, और उसके अंदर का तापमान भी काफी कंट्रोल में रहता है।



2. प्लेन का रंग सफेद क्यों होता है? उसके पीछे का एक बड़ा कारण ये भी है कि सफेद प्लेन में किसी भी तरह का डेंट या क्रैक आसानी से नजर आ जाएगा। जबकि कोई और रंग इसे छिपा देगा।

3. सफेद रंग की विजिबिलीटी दूसरे रंगों कि तुलना में काफी ज्यादा होती है। आसमान में सफेद प्लेन को आसानी से देखा जा सकता है। जिससे एक्सीडेंट होने से बचाव हो सकता है। वहीं घने अंधेरे में भी सफेद रंग दूर से ही दिख जाएगा।



4. दूसरे रंगों के मुकाबले सफेद रंग का वजन कम होता है। इसलिए जब प्लेन को सफेद रंग से रंगा जाता है तो रंग के कलर से प्लेन का भार ज्यादा नहीं होता है। जबकि किसी और रंग के इस्तेमाल से प्लेन का वजह बढ़ सकता है। साथ ही प्लेन में सफेद पेंट की लागत भी कम होती है। इसके अलावा वजन कम होने की वजह से फ्यूल की भी बचत होती है।

5. प्लेन के ज्यादातर वक्त धूप में रहने की वजह से कोई और रंग होगा तो वो ज्यादा जल्दी खराब हो सकता है। वहीं सफेद रंग लंबे वक्त तक चलता है और इस वजह से प्लेन को बार-बार पेंट नहीं कराना पड़ता है।

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