
एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, उच्चतम न्यायालय के पिछले वर्ष नौ नवम्बर को फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था. ट्रस्ट के सदस्यों की अयोध्या में शनिवार को हुई एक बैठक में मंदिर की आधारशिला रखने की संभावित तिथि के बारे में फैसला लिया गया. वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन, वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्व प्रसनजीत ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक में भाग लिया. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि मानसून के तुरन्त बाद राम मंदिर ट्रस्ट वित्तीय मदद के लिए देशभर में 10 करोड़ परिवारों से संपर्क करेगा और इसके निर्माण को पूरा करने के लिए मंदिर के डिजाइन को अंतिम रूप देने में तीन से साढ़े तीन साल लगेंगे.
161 फुट होगी राम मंदिर की ऊंचाई
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि बैठक में राम मंदिर की ऊंचाई के मुद्दे पर चर्चा की गई. मंदिर की ऊंचाई 161 फुट होगी और इसमें पांच गुंबद होंगे. ट्रस्ट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व प्रधान सचिव एवं राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव अवनीश अवस्थी ने भी भाग लिया.
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