इन 4 दिनों में संबध बनाने से बचना चाहिए नहीं तो होगी बड़ी परेशानी।

आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने वाले हैं जिन्हें वास्तु शास्त्र और वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही माना गया है आज हम आपको उन चार दिनों के बारे में बताने जा रहे हैं जब आप को संबंध बनाने से बचना चाहिए।

पारस्कर गृहसूत्र के अनुसार स्त्री के रजोकाल के चार दिन, अष्टमी तिथि, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा और संक्रांति तिथि के दिन सहवास से बचना चाहिए।

इसके अलावा महाशिवरात्रि दीपावली और होली को भी संबंध बनाने से बचना चाहिए यदि आप ऐसा करोगे तो आपको आगे चलकर बहुत ही परेशानियां आएंगी।

साइंस के अनुसार पूर्णिमा और अमावस्या चतुर्दशी के दिन सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी एक ही दिशा में रहते हैं जिससे सम्मिलित और कृष्ण अन्य दिनों से अधिक होता है इसलिए आपको इन दिनों में संबंध बनाने से बचना चाहिए।

इन स्थिति में यदि आप संबंध बनाएंगे और आप यदि प्रेग्नेंट हो गए तो आपकी होने वाली संतान बहुत ही कमजोर और अल्प आयु वाली होगी इसलिए आपको ऐसी दशकों में कभी भी संबंध नहीं बनाना चाहिए।

आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने वाले हैं जिन्हें वास्तु शास्त्र और वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही माना गया है आज हम आपको उन चार दिनों के बारे में बताने जा रहे हैं जब आप को संबंध बनाने से बचना चाहिए।

पारस्कर गृहसूत्र के अनुसार स्त्री के रजोकाल के चार दिन, अष्टमी तिथि, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा और संक्रांति तिथि के दिन सहवास से बचना चाहिए।

इसके अलावा महाशिवरात्रि दीपावली और होली को भी संबंध बनाने से बचना चाहिए यदि आप ऐसा करोगे तो आपको आगे चलकर बहुत ही परेशानियां आएंगी।

साइंस के अनुसार पूर्णिमा और अमावस्या चतुर्दशी के दिन सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी एक ही दिशा में रहते हैं जिससे सम्मिलित और कृष्ण अन्य दिनों से अधिक होता है इसलिए आपको इन दिनों में संबंध बनाने से बचना चाहिए।

इन स्थिति में यदि आप संबंध बनाएंगे और आप यदि प्रेग्नेंट हो गए तो आपकी होने वाली संतान बहुत ही कमजोर और अल्प आयु वाली होगी इसलिए आपको ऐसी दशकों में कभी भी संबंध नहीं बनाना चाहिए।
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