
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और दिन शुक्रवार है। आज सावन माह का वरलक्ष्मी व्रत है। आज के दिन माता वरलक्ष्मी और गणेश जी पूजा विधि विधान से की जाती है। यह व्रत करने से दरिद्रता दूर होती है। मनोकमानाएं पूर्ण होती हैं। आज के पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल के अतिरिक्त चंद्रोदय, चंद्रास्त, सूर्योदय, सूर्यास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
आज का पंचांग
दिन: शुक्रवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि।
आज का राहुकाल: प्रात: 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक।
आज का दिशाशूल: पश्चिम।
विशेष: शुक्र मिथुन राशि में।
विक्रम संवत 2077 शके 1942 उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु श्रावण मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी 22 घंटे 42 मिनट तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी ज्येष्ठा नक्षत्र 07 घंटे 04 मिनट तक, तत्पश्चात् मूल नक्षत्र ऐन्द्र योग 11 घंटे 11 मिनट तक, तत्पश्चात् वैधृति योग वृश्चिक में चंद्रमा 07 घंटे 04 मिनट तक तत्पश्चात् धनु में।
सूर्योदय और सूर्यास्त
31 जुलाई को सूर्योदय सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 13 मिनट पर होगा।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
आज के दिन चंद्रोदय दोपहर में 04 बजकर 36 मिनट पर होगा और चंद्र का अस्त अगले दिन 01 अगस्त को तड़के 03 बजकर 09 मिनट पर होगा।
आज का शुभ समय
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से दोपहर 03 बजकर 36 मिनट तक।
अमृत काल: देर रात 12 बजकर 29 मिनट से 01 अगस्त को तड़के 02 बजकर 04 मिनट तक।
आज सावन माह का 27वां दिन है। आज के दिन आप को वरलक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के साथ माता पार्वती एवं भगवान शिव की भी आराधना करनी चाहिए। सावन माह भगवान शिव का प्रिय है, इसलिए ऐसा करने से वंचित न रहें। आज के दिन आप कोई कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
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