
वैसे तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए बाजार में कई तरह के उपकरण और दवाइयां मौजूद हैं, फिर भी हम आपको कुछ ऐसे तरीक बता रहे हैं जिनसे आप यह पहचान कर सकती हैं कि क्या आप गर्भधारण कर चुकी हैं या नहीं…दरअसल गर्भ धारण करने के साथ ही महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव शुरू हो जाते हैं। आप इन लक्षणों से जान सकती हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं। हालांकि, ये लक्षण जरूरी नहीं की गर्भधारण के भी हों, लेकिन महिलाओं के शरीर में इस तरह के बदलाव अमूमन गर्भ धारण के समय में ही आता है…
स्तन का भारी हो जाना: ये एक बेहद सामान्य लक्षण है। दरअसल, ब्रेस्ट के ऊतक हॉर्मोन्स के प्रति अति संवेदनशील होते हैं। गर्भ धारण करने के साथ ही शरीर में हॉर्मोनल चेंज होने शुरू हो जाते हैं। इससे ब्रेस्ट में सूजन आ जाती है या फिर भारीपन आ जाता है।

का रंग: गर्भावस्था के दौरान होने वाले हॉमोर्नल चेंज से मेलेनोसाइट्स प्रभावित होती हैं। इसका प्रभाव उन कोशिकाओं पर पड़ता है जो निपल के रंग के लिए उत्तरदायी होती हैं। गर्भ धारण करने पर निपल का रंग गहरा हो जाता है।
मितली आना और उल्टी होने जैसा लगना: गर्भावस्था में दिन की शुरुआत काफी बोझिल होती है। सुबह उठकर कमजोरी लगती है और मितली आती है। कई बार कुछ खाने पर उल्टी जैसा महसूस होने लगता है।
मितली आना और उल्टी होने जैसा लगना: गर्भावस्था में दिन की शुरुआत काफी बोझिल होती है। सुबह उठकर कमजोरी लगती है और मितली आती है। कई बार कुछ खाने पर उल्टी जैसा महसूस होने लगता है।
जल्दी-जल्दी टॉयलेट जाना: क्या आप अब पहले की तुलना में ज्यादा बार टॉयलेट जाने लगी हैं? ऐसे समय में किडनी ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
फूड क्रेविंग: क्रेविंग भी गर्भवती होने का एक प्रमुख लक्षण है। गर्भवती महिला में किसी विशेष चीज के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है और हर वक्त वही खाने का दिल करने लगता है। कई बार ऐसा भी होता है कि इस दौरान महिला की डेली डाइट अचानक से बढ़ जाती है।
सिर दर्द: ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सिर में दर्द रहने लगता है। ये गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण है। पर धीरे-धीरे ये खुद ही ठीक हो जाता है।

फूड क्रेविंग: क्रेविंग भी गर्भवती होने का एक प्रमुख लक्षण है। गर्भवती महिला में किसी विशेष चीज के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है और हर वक्त वही खाने का दिल करने लगता है। कई बार ऐसा भी होता है कि इस दौरान महिला की डेली डाइट अचानक से बढ़ जाती है।
सिर दर्द: ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सिर में दर्द रहने लगता है। ये गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण है। पर धीरे-धीरे ये खुद ही ठीक हो जाता है।

कब्ज की शिकायत हो जाना: हॉर्मोनल चेंज होने की वजह से पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता है। पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में महिला को अक्सर कब्ज की शिकायत रहने लगती है।
शरीर का तापमान और मूड: गर्भवती होने पर शरीर का तापमान अक्सर सामान्य तापमान से अधिक बना रहता है। इतना ही नहीं इस दौरान समय-समय पर मूड भी बदलता रहता है। कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी उसी चीज से नफरत हो जाती है।
शरीर का तापमान और मूड: गर्भवती होने पर शरीर का तापमान अक्सर सामान्य तापमान से अधिक बना रहता है। इतना ही नहीं इस दौरान समय-समय पर मूड भी बदलता रहता है। कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी उसी चीज से नफरत हो जाती है।
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