
आज के दिन शादी विवाह, मुंंडन, नामकरण संस्कार आदि किए जा सकते हैं. लेकिन इस दिन के बाद शुभ कार्य नहीं किए जा सकेंगे.
1 जुलाई से चार्तुमास आरंभ हो रहे हैं. चार्तुमास के चार महीनों तक कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इन चार में भगवान का स्मरण किया जाता है. हिंदू धर्म में चार्तुमास का विशेष महत्व बताया गया है.
इन चार माह में व्यक्ति को अनुशासित जीवनशैली का पालन करना चाहिए. पंचांग के अनुसार 29 जून को नवमी की तिथि है. इस नवमी को भड़ली नवमी भी कहा जाता है. चर्तुमास से पहले यह आखिरी शुभ तिथि मानी गई है. जिसमें किसी भी शुभ कार्य को किया जा सकता है. इसके लिए पंचांग की भी मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. आषाढ़ी मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन भी माना गया है.
29 जून की नवमी का विशेष महत्व है. इस दिन सोमवार है. सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. चार्तुमास लगने के बाद जब भगवान विष्णु पाताल लोक में अपने शयन कक्ष में विश्राम के लिए प्रस्थान कर जाते हैं तो सृष्टि की बागडोर भगवान शिव के हाथों में आ जाती है
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